Saturday, 23 July 2016

स्.4


साहित्य, संगीत तथा कला में अशलीलता

कठोर से कठोर हृदय वाले व्यक्ति के खून में भी कुछ ऐसे तत्व होते हैं जो उसे रहम दिल, दयावान और भावुक बनाने का सामर्थय रखते हैं। जब ये तत्व या ब्लड-सैल अपना असर दिखाते हैं तो मनुष्य का व्यक्तित्व एकदम बदल जाता है। दुनिया के इतिहास में इस की अनेकों मिसालें मिली हैं, जैसे लक्ष्मण दास से बना बंदा बहादुर, सम्राट अशोक का कालिंगा के युद्ध के बाद हृदय परिवर्तन होना, बादशाह अकबर का जबरदस्ती से स्त्रियों को अपने हरम में रखना और दूसरी तरफ जनहित के कार्य करना आदि बहुत सही उदाहरणें है।

स् 5


शूरवीर मिर्जा

प्यार को मनुष्य की चौदह मूल प्रवृतियों में से उत्तम माना जाता है। दुनियां की बाकी भाषाओं की तरह पंजाबी जुबान में भी प्रेम कहानी को एक विशेष स्थान प्राप्त है। वैसे तो हर प्राणी की कोई न कोई अपनी प्रेम कहानी होती है लेकिन वह स्वंय (निज) तक ही सीमित होकर रह जाती है। परन्तु कुछ मनुष्यों की प्रेम कहानी आम लोगों से अलग, दिलचस्प अलौकिक और अलग होती है। इसलिए लोग उनकी कहानी सुनाते हैं और वह साहित्य का अनूठा अंग बनकर एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी तक होती हुई सदियों तक अमर रहती हैं। ऐसी ही एक प्रेम कहानी है, मिजऱ्ा-साहिबा। जब भी मिजऱ्े का जि़क्र होता है तो हमारे दिल में चार पात्र साक्षात आ खड़े होते हैं। एक किस्से का नायक मिजऱ्ा, दूसरी नायिका साहिबा और तीसरा सहायक पात्र मिजऱ्े की घोड़ी बक्की और चौथा वह (बूक्ष) जिसकी छाय में मिजऱ्ा मारा जाता है। किस्सा शब्द जिसका अर्थ कहानी, कथा या वृतांत होता है। चाहे यह अरबी भाषा का शब्द है, लेकिन पंजाबी में भी इसको उतनी ही मान्यता प्राप्त है, जितनी कि अरबी, फारसी या इरानी अदब में है। किसी का उद्भव विद्वानों अनुसार फारसी मनस्वी परम्परा द्वारा हुआ है। हमारे पास जिऊणा मोड़, दुल्ला भट्टी, जैमल-फत्ता, सुच्चा सूरमा, शाहणी कौल, रूप-बसन्त जैसे किस्से और पंजाबी किस्सेकारों के नामों की लम्बी सूची मौजूद है। जिनमें से दामोदर (हीर-रांझा), वारिश शाह (हीर-रांझा), हाशम कादरयार (सस्सी-पुन्नू), पीलू (मिजऱ्ा-साहिबा), हाफिज़ बरखुरदार (मिजऱ्ा-साहिबा), अहमद यार (कामरूप-कामलता), कादर यार (राजा रसालू, पूर्ण भगत), फज़ल शाह (सोहणी-महिवाल, लैला-मजनू), इमाम बख्श (शाह बहिराम), अहमद गुजर, मुकबल आदि नाम प्रमुख है।

स्.7


इंग्लैंड की लोकप्रिय सड़क: सोहो रोड़

भारत से कोई भी लेखक मित्र, गायक दोस्त, आलोचक, पत्रकार, संपादक, फिल्मी अदाकार, निर्देशक, खिलाड़ी, चित्रकार, वाकफकार या कोई सगा संबंधी इंग्लैंड आयेगा तो फोन करके कहेगा, ‘‘भाई साहब आपके लन्दन मंे आया हुआ हूं। आपको मिलना है।’’

स्.8


तुझे पियेंगे नसीबों वाले!

‘‘एक सवाल मेरे मन में आता है, वह यह कि हमारे हीरों जैसे लेखक.... गायक.... शराब पी-पी कर क्यों अपनी जान गँवा रहे हैं? क्या शराब... जिंदगी और सेहत से... ज्यादा अच्छी है?’’

स्.6

हीर की गाथा
पंजाबी की सब से अधिक पढ़ी लिखी, सुनी और गायी जाने वाली प्रसिद्ध प्रेम कथा है हीर। हीर का किस्सा लिखने में दो नाम ज्यादा मशहूर हैं, एक दामोदर और दूसरा वारिस शाह। पंजाबी के लेखकों को इतनी मुसीबत पड़ गई कि ढाई सौ से अधिक लेखकों ने हीर लिख दी। वारिस शाह या दामोदर के साथ उनकी तसल्ली नहीं हुई। अभी भी यह प्रचलन जारी है।

स्.9

नंगे सागर की सैर

दिनांक एक सितंबर 2013 को पंजाब टैलीग्राफ की तरफ से पंजाब टूरज़ के बैनर तले इंग्लैंड के एक मशहूर समुद्री तट ब्र्राईटन के टूर पर ले जाया गया। वैसे तो लीमोसोल (साईप्रस), उसटैंड (बैल्जि़यम) आदि अर्थात् दुनियां के अन्य अनेकों देशों के समुद्र देखे हैं। इंग्लैंड के भी ब्लैकपूल, साऊथएण्ड औन सी एंव वैस्टरन-सुपरमेअर आदि को तो ननिहाल जाने जैसे जब दिल करे चले जाते हैं। ब्राईटन के इस सागर की सैर का भी यह कोई पहला अवसर नहीं था। कॉलेज के दिनों में तो लगभग हरेक दूसरे तीसरे सप्ताह के आखिर में यहाँ जाकर बोतल के ढक्कन खोलते थे। लेकिन ब्राईटन की मेरी इस यात्रा में पूर्व यात्राओं से भिन्नता थी। पहले एक आशिक मिज़ाज युवक यहाँ आया जाया करता था और अब एक संजीद और साहित्य को समर्पित लेखक जा रहा था।

स्.10


शांती के पुंज: बाबा शेख फरीद जी

इतिहास गवाह है जब कभी भी अत्याचार, कुकर्म, पाप, जुल्म बढ़े हैं, बुराईयां भलाई पर भारी पड़ी हैं, शांति भंग होकर अशांति बढ़ने फूलने लगी है। परमात्मा ने किसी न किसी पीर, पैगम्बर, संत, फ़कीर, आलौकिक अर्थात किसी महान शख़्सीयत को शांति दूत बनाकर अमन की स्थापना करने और मार्ग दर्शन करने के लिए धरती पर भेजा है। बाबा शेख फ़रीद जी भी एक ऐसी ही महान आत्मा थे, जो शांति का पैगाम बांटने इस दुनिया पर आये। इसलिए श्री जगमोहन सिंह बराड़ ने फरीद जी को ‘‘प्रेम और एकता की रोशनी’’ कहा है।